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सहीह बुख़ारी

नंबर 2147

नंबर 2147किताब 34, नंबर 99
حَدَّثَنَا عَيَّاشُ بْنُ الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنْ لِبْسَتَيْنِ وَعَنْ بَيْعَتَيْنِ الْمُلاَمَسَةِ وَالْمُنَابَذَةِ‏.‏
Narrated Abu Sa`id:The Prophet (ﷺ) forbade two kinds of dresses and two kinds of sale, i.e., Mulamasa and Munabadha

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।