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सहीह बुख़ारी

नंबर 2145

नंबर 2145किताब 34, नंबर 97
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ نُهِيَ عَنْ لِبْسَتَيْنِ، أَنْ يَحْتَبِيَ الرَّجُلُ، فِي الثَّوْبِ الْوَاحِدِ، ثُمَّ يَرْفَعَهُ عَلَى مَنْكِبِهِ، وَعَنْ بَيْعَتَيْنِ اللِّمَاسِ وَالنِّبَاذِ‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) forbade two kinds of dressing; (one of them) is to sit with one's legs drawn up while wrapped in one garment. (The other) is to lift that garment on one's shoulders. And also forbade two kinds of sale: Al-Limais and An-Nibadh

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।