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सहीह बुख़ारी

नंबर 2076

नंबर 2076किताब 34, नंबर 29
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنَا أَبُو غَسَّانَ، مُحَمَّدُ بْنُ مُطَرِّفٍ قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ رَحِمَ اللَّهُ رَجُلاً سَمْحًا إِذَا بَاعَ، وَإِذَا اشْتَرَى، وَإِذَا اقْتَضَى ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:Allah's Messenger (ﷺ) said, "May Allah's mercy be on him who is lenient in his buying, selling, and in demanding back his money

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।