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सहीह बुख़ारी

नंबर 2074

नंबर 2074किताब 34, नंबर 27
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ، مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لأَنْ يَحْتَطِبَ أَحَدُكُمْ حُزْمَةً عَلَى ظَهْرِهِ خَيْرٌ مِنْ أَنْ يَسْأَلَ أَحَدًا، فَيُعْطِيَهُ أَوْ يَمْنَعَهُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "No doubt, it is better for any one of you to cut a bundle of wood and carry it over his back rather than to ask someone who may or may not give him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।