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सहीह बुख़ारी

नंबर 2031

नंबर 2031किताब 33, नंबर 6
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُبَاشِرُنِي وَأَنَا حَائِضٌ‏.‏ وَكَانَ يُخْرِجُ رَأْسَهُ مِنَ الْمَسْجِدِ وَهْوَ مُعْتَكِفٌ فَأَغْسِلُهُ وَأَنَا حَائِضٌ‏.‏
Narrated `Aisha:The Prophet (ﷺ) used to embrace me during my menses. He also used to put his head out of the mosque while he was in I`tikaf, and I would wash it during my menses

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Retiring to a Mosque for Remembrance of Allah (I'tikaf)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।