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सहीह बुख़ारी

नंबर 1992

नंबर 1992किताब 30, नंबर 98
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ يَحْيَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنْ صَوْمِ يَوْمِ الْفِطْرِ وَالنَّحْرِ، وَعَنِ الصَّمَّاءِ، وَأَنْ يَحْتَبِيَ الرَّجُلُ فِي ثَوْبٍ وَاحِدٍ‏.‏ وَعَنْ صَلاَةٍ، بَعْدَ الصُّبْحِ وَالْعَصْرِ‏.‏
Narrated Abu Sa`id:The Prophet (ﷺ) forbade the fasting of `Id-ul-Fitr and `Id-ul-Adha (two feast days) and also the wearing of As-Samma' (a single garment covering the whole body), and sitting with one's leg drawn up while being wrapped in one garment. He also forbade the prayers after the Fajr (morning) and the `Asr (afternoon) prayers

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।