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सहीह बुख़ारी

नंबर 1961

नंबर 1961किताब 30, नंबर 68
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ تُوَاصِلُوا ‏"‏‏.‏ قَالُوا إِنَّكَ تُوَاصِلُ‏.‏ قَالَ ‏"‏ لَسْتُ كَأَحَدٍ مِنْكُمْ، إِنِّي أُطْعَمُ وَأُسْقَى، أَوْ إِنِّي أَبِيتُ أُطْعَمُ وَأُسْقَى ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) said, "Do not practice Al-Wisal (fasting continuously without breaking one's fast in the evening or eating before the following dawn)." The people said to the Prophet, "But you practice Al- Wisal?" The Prophet (ﷺ) replied, "I am not like any of you, for I am given food and drink (by Allah) during the night

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।