حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُوسَى بْنِ أَعْيَنَ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي جَعْفَرٍ، أَنَّ مُحَمَّدَ بْنَ جَعْفَرٍ، حَدَّثَهُ عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ " مَنْ مَاتَ وَعَلَيْهِ صِيَامٌ صَامَ عَنْهُ وَلِيُّهُ ". تَابَعَهُ ابْنُ وَهْبٍ عَنْ عَمْرٍو. وَرَوَاهُ يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ عَنِ ابْنِ أَبِي جَعْفَرٍ.
Narrated `Aisha:Allah's Messenger (ﷺ) said, "Whoever died and he ought to have fasted (the missed days of Ramadan) then his guardians must fast on his behalf
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।