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सहीह बुख़ारी

नंबर 1927

नंबर 1927किताब 30, नंबर 35
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُقَبِّلُ وَيُبَاشِرُ، وَهُوَ صَائِمٌ، وَكَانَ أَمْلَكَكُمْ لإِرْبِهِ‏.‏ وَقَالَ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ ‏{‏مَآرِبُ‏}‏ حَاجَةٌ‏.‏ قَالَ طَاوُسٌ ‏{‏أُولِي الإِرْبَةِ‏}‏ الأَحْمَقُ لاَ حَاجَةَ لَهُ فِي النِّسَاءِ‏.‏
Narrated `Aisha:The Prophet (ﷺ) used to kiss and embrace (his wives) while he was fasting, and he had more power to control his desires than any of you. Said Jabir, "The person who gets discharge after casting a look (on his wife) should complete his fast

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।