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सहीह बुख़ारी

नंबर 1921

नंबर 1921किताब 30, नंबर 30
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ تَسَحَّرْنَا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ثُمَّ قَامَ إِلَى الصَّلاَةِ‏.‏ قُلْتُ كَمْ كَانَ بَيْنَ الأَذَانِ وَالسَّحُورِ قَالَ قَدْرُ خَمْسِينَ آيَةً‏.‏
ज़ैद बिन साबित -रज़ियल्लाहु अनहु- से रिवायत है, वह कहते हैं : "हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ सहरी का खाना खाया, फिर नमाज के लिए चले गए। अनस कहते हैं : मैंने पूछा : अज़ान और सहरी के बीच कितना समय था? उन्होंने जवाब दिया : पचास आयतें पढ़ने के बराबर समय।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 30 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।