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सहीह बुख़ारी

नंबर 1909

नंबर 1909किताब 30, नंबर 19
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَوْ قَالَ قَالَ أَبُو الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ صُومُوا لِرُؤْيَتِهِ، وَأَفْطِرُوا لِرُؤْيَتِهِ، فَإِنْ غُبِّيَ عَلَيْكُمْ فَأَكْمِلُوا عِدَّةَ شَعْبَانَ ثَلاَثِينَ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) or Abul-Qasim said, "Start fasting on seeing the crescent (of Ramadan), and give up fasting on seeing the crescent (of Shawwal), and if the sky is overcast (and you cannot see it), complete thirty days of Sha'ban

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।