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सहीह बुख़ारी

नंबर 85

नंबर 85किताब 3, नंबर 27
حَدَّثَنَا الْمَكِّيُّ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَخْبَرَنَا حَنْظَلَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ سَالِمٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُقْبَضُ الْعِلْمُ، وَيَظْهَرُ الْجَهْلُ وَالْفِتَنُ، وَيَكْثُرُ الْهَرْجُ ‏"‏‏.‏ قِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا الْهَرْجُ فَقَالَ هَكَذَا بِيَدِهِ، فَحَرَّفَهَا، كَأَنَّهُ يُرِيدُ الْقَتْلَ‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "(Religious) knowledge will be taken away (by the death of religious scholars) ignorance (in religion) and afflictions will appear; and Harj will increase." It was asked, "What is Harj, O Allah's Messenger (ﷺ)?" He replied by beckoning with his hand indicating "killing." (Fath-al-Bari Page 192, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।