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सहीह बुख़ारी

नंबर 1859

नंबर 1859किताब 28, नंबर 39
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ زُرَارَةَ، أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ مَالِكٍ، عَنِ الْجُعَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ، يَقُولُ لِلسَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ، وَكَانَ قَدْ حُجَّ بِهِ فِي ثَقَلِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Al-Ju'aid bin `Abdur-Rahman:I heard `Umar bin `Abdul `Aziz telling about As-Sa'ib bin Yazid that he had performed Hajj (while carried) with the belongings of the Prophet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Penalty of Hunting while on Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।