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सहीह बुख़ारी

नंबर 1843

नंबर 1843किताब 28, नंबर 23
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ خَطَبَنَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِعَرَفَاتٍ فَقَالَ ‏ "‏ مَنْ لَمْ يَجِدِ الإِزَارَ فَلْيَلْبَسِ السَّرَاوِيلَ، وَمَنْ لَمْ يَجِدِ النَّعْلَيْنِ فَلْيَلْبَسِ الْخُفَّيْنِ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) delivered a sermon at `Arafat and said, "Whoever does not get an Izar can wear trousers, and whoever cannot get a pair of shoes can wear Khuffs (socks made from thick fabric or leather)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Penalty of Hunting while on Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।