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सहीह बुख़ारी

नंबर 1809

नंबर 1809किताब 27, नंबर 4
حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ سَلاَّمٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، قَالَ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَدْ أُحْصِرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَحَلَقَ رَأْسَهُ وَجَامَعَ نِسَاءَهُ، وَنَحَرَ هَدْيَهُ، حَتَّى اعْتَمَرَ عَامًا قَابِلاً‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:Allah's Messenger (ﷺ) was prevented from performing (`Umra) Therefore, he shaved his head and had sexual relations with his wives and slaughtered his Hadi and performed Umra in the following year

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Pilgrims Prevented from Completing the Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।