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सहीह बुख़ारी

नंबर 1779

नंबर 1779किताब 26, नंबर 6
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ سَأَلْتُ أَنَسًا ـ رضى الله عنه ـ فَقَالَ اعْتَمَرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم حَيْثُ رَدُّوهُ، وَمِنَ الْقَابِلِ عُمْرَةَ الْحُدَيْبِيَةِ، وَعُمْرَةً فِي ذِي الْقَعْدَةِ وَعُمْرَةً مَعَ حَجَّتِهِ‏.‏
Narrated Qatada:I asked Anas (about the Prophet's `Umra) and he replied, "The Prophet (ﷺ) performed `Umra when the pagans made him return, and Umra of al-Hudaibiya (the next year), and another `Umra in Dhi-l-Qa'da, and another `Umra in combination with his Hajj

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · `Umrah (Minor pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।