حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ ـ وَكَانَ أَفْضَلَ أَهْلِ زَمَانِهِ ـ يَقُولُ سَمِعْتُ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ تَقُولُ طَيَّبْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِيَدَىَّ هَاتَيْنِ حِينَ أَحْرَمَ، وَلِحِلِّهِ حِينَ أَحَلَّ، قَبْلَ أَنْ يَطُوفَ. وَبَسَطَتْ يَدَيْهَا.
Narrated `Abdur-Rahman bin Al-Qasim:I heard my father who was the best man of his age, saying, "I heard `Aisha saying, 'I perfumed Allah's Apostle with my own hands before finishing his Ihram while yet he had not performed Tawaf-al- Ifada.' She spread her hands (while saying so)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।