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सहीह बुख़ारी

नंबर 1723

नंबर 1723किताब 25, नंबर 201
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ سُئِلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ رَمَيْتُ بَعْدَ مَا أَمْسَيْتُ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ لاَ حَرَجَ ‏"‏‏.‏ قَالَ حَلَقْتُ قَبْلَ أَنْ أَنْحَرَ‏.‏ قَالَ ‏"‏ لاَ حَرَجَ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) was asked by a man who said, "I have done the Rami in the evening." The Prophet (ﷺ) replied, "There is no harm in it." Another man asked, "I had my head shaved before the slaughtering." The Prophet (ﷺ) replied, "There is no harm in it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।