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सहीह बुख़ारी

नंबर 1689

नंबर 1689किताब 25, नंबर 168
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، أَخْبَرَنَا مَالِكٌ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَأَى رَجُلاً يَسُوقُ بَدَنَةً فَقَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏‏.‏ فَقَالَ إِنَّهَا بَدَنَةٌ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏‏.‏ قَالَ إِنَّهَا بَدَنَةٌ‏.‏ قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا، وَيْلَكَ ‏"‏‏.‏ فِي الثَّالِثَةِ أَوْ فِي الثَّانِيَةِ‏.‏
Narrated Abu Huraira':Allah's Messenger (ﷺ) saw a man driving his Badana (sacrificial camel). He said, "Ride on it." The man said, "It is a Badana." The Prophet (ﷺ) said, "Ride on it." He (the man) said, "It is a Badana." The Prophet said, "Ride on it." And on the second or the third time he (the Prophet (ﷺ) ) added, "Woe to you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।