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सहीह बुख़ारी

नंबर 1685

नंबर 1685किताब 25, नंबर 165
حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَرْدَفَ الْفَضْلَ، فَأَخْبَرَ الْفَضْلُ أَنَّهُ لَمْ يَزَلْ يُلَبِّي حَتَّى رَمَى الْجَمْرَةَ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) made Al-Fadl ride behind him, and Al-Fadl informed that he (the Prophet (ﷺ) ) kept on reciting Talbiya till he did the Rami of the Jamra. (Jamrat-Al-`Aqaba)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।