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सहीह बुख़ारी

नंबर 1680

नंबर 1680किताब 25, नंबर 160
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ ـ هُوَ ابْنُ الْقَاسِمِ ـ عَنِ الْقَاسِمِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتِ اسْتَأْذَنَتْ سَوْدَةُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم لَيْلَةَ جَمْعٍ وَكَانَتْ ثَقِيلَةً ثَبْطَةً فَأَذِنَ لَهَا‏.‏
Narrated `Aisha:Sauda asked the permission of the Prophet (ﷺ) to leave earlier at the night of Jam', and she was a fat and very slow woman. The Prophet (ﷺ) gave her permission

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।