सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 1609

नंबर 1609किताब 25, नंबर 95
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ لَمْ أَرَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَسْتَلِمُ مِنَ الْبَيْتِ إِلاَّ الرُّكْنَيْنِ الْيَمَانِيَيْنِ‏.‏
Narrated Salim bin `Abdullah that his father said:"I have not seen the Prophet (ﷺ) touching except the two Yemenite Corners (i.e. the ones facing Yemen)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।