सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 1603

नंबर 1603किताब 25, नंबर 89
حَدَّثَنَا أَصْبَغُ بْنُ الْفَرَجِ، أَخْبَرَنِي ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ يَقْدَمُ مَكَّةَ، إِذَا اسْتَلَمَ الرُّكْنَ الأَسْوَدَ أَوَّلَ مَا يَطُوفُ يَخُبُّ ثَلاَثَةَ أَطْوَافٍ مِنَ السَّبْعِ‏.‏
Narrated Salim that his father said:I saw Allah's Messenger (ﷺ) arriving at Mecca; he kissed the Black Stone Corner first while doing Tawaf and did ramal in the first three rounds of the seven rounds (of Tawaf)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।