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सहीह बुख़ारी

नंबर 1578

नंबर 1578किताब 25, नंबर 64
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ الْمَرْوَزِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَامَ الْفَتْحِ مِنْ كَدَاءٍ، وَخَرَجَ مِنْ كُدًا مِنْ أَعْلَى مَكَّةَ‏.‏
Narrated `Aisha':In the year of the conquest of Mecca, the Prophet (ﷺ) entered Mecca from Kada' and left Mecca from Kuda, from the higher part of Mecca

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।