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सहीह बुख़ारी

नंबर 1539

नंबर 1539किताब 25, नंबर 26
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، أَخْبَرَنَا مَالِكٌ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ زَوْجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ كُنْتُ أُطَيِّبُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لإِحْرَامِهِ حِينَ يُحْرِمُ، وَلِحِلِّهِ قَبْلَ أَنْ يَطُوفَ بِالْبَيْتِ‏.‏
Narrated `Aisha:(the wife of the Prophet (ﷺ) I used to scent Allah's Messenger (ﷺ) when he wanted to assume Ihram and also on finishing Ihram before the Tawaf round the Ka`ba (Tawaf-al-ifada)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।