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सहीह बुख़ारी

नंबर 1390.2

नंबर 1390.2किताब 23, नंबर 143
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ سُفْيَانَ التَّمَّارِ، أَنَّهُ حَدَّثَهُ أَنَّهُ، رَأَى قَبْرَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مُسَنَّمًا‏.‏
Narrated Abu Bakr bin `Aiyash:Sufyan at-Tammar told me that he had seen the grave of the Prophet (ﷺ) elevated and convex

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Funerals (Al-Janaa'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।