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सहीह बुख़ारी

नंबर 1326

नंबर 1326किताब 23, नंबर 82
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا زَائِدَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ الشَّيْبَانِيُّ، عَنْ عَامِرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ أَتَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَبْرًا، فَقَالُوا هَذَا دُفِنَ، أَوْ دُفِنَتِ الْبَارِحَةَ‏.‏ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ فَصَفَّنَا خَلْفَهُ ثُمَّ صَلَّى عَلَيْهَا‏.‏
Narrated 'Amir:Ibn `Abbas (who was at that time a boy) said, "Allah's Messenger (ﷺ) came to a grave and the people said, 'He or she was buried yesterday.' " Ibn `Abbas added, "We aligned behind the Prophet (ﷺ) and he led the funeral prayer of the deceased

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Funerals (Al-Janaa'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।