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सहीह बुख़ारी

नंबर 12

नंबर 12किताब 2, नंबर 5
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي الْخَيْرِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَجُلاً، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَىُّ الإِسْلاَمِ خَيْرٌ قَالَ ‏ "‏ تُطْعِمُ الطَّعَامَ، وَتَقْرَأُ السَّلاَمَ عَلَى مَنْ عَرَفْتَ وَمَنْ لَمْ تَعْرِفْ ‏"‏‏.‏
अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा से रिवायत है कि एक आदमी ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा कि इस्लाम का कौन-सा कार्य सबसे अच्छा है? आपने उत्तर दिया : "यह कि तुम खाना खिलाओ और जाने-पहचाने तथा अनजान सबको सलाम करो।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 2 · Belief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।