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सहीह बुख़ारी

नंबर 1170

नंबर 1170किताब 19, नंबर 49
حَدَّثَنَا آدَمُ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ يَخْطُبُ ‏ "‏ إِذَا جَاءَ أَحَدُكُمْ وَالإِمَامُ يَخْطُبُ ـ أَوْ قَدْ خَرَجَ ـ فَلْيُصَلِّ رَكْعَتَيْنِ ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:While delivering a sermon, Allah's Messenger (ﷺ) said, "If anyone of you comes while the Imam is delivering the sermon or has come out for it, he should offer a two rak`at prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · Prayer at Night (Tahajjud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।