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सहीह बुख़ारी

नंबर 1088

नंबर 1088किताब 18, नंबर 9
حَدَّثَنَا آدَمُ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ الْمَقْبُرِيُّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ لاِمْرَأَةٍ تُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الآخِرِ أَنْ تُسَافِرَ مَسِيرَةَ يَوْمٍ وَلَيْلَةٍ لَيْسَ مَعَهَا حُرْمَةٌ ‏"‏‏.‏ تَابَعَهُ يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ وَسُهَيْلٌ وَمَالِكٌ عَنِ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "It is not permissible for a woman who believes in Allah and the Last Day to travel for one day and night except with a Mahram

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · Shortening the Prayers (At-Taqseer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।