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सहीह बुख़ारी

नंबर 1074

नंबर 1074किताब 17, नंबर 8
حَدَّثَنَا مُسْلِمٌ، وَمُعَاذُ بْنُ فَضَالَةَ، قَالاَ أَخْبَرَنَا هِشَامٌ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، قَالَ رَأَيْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَرَأَ ‏{‏إِذَا السَّمَاءُ انْشَقَّتْ‏}‏ فَسَجَدَ بِهَا فَقُلْتُ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ، أَلَمْ أَرَكَ تَسْجُدُ قَالَ لَوْ لَمْ أَرَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَسْجُدُ لَمْ أَسْجُدْ‏.‏
Narrated Abu Salama:I saw Abu Huraira reciting Idha-Sama' un-Shaqqat and he prostrated during its recitation. I asked Abu Huraira, "Didn't I see you prostrating?" Abu Huraira said, "Had I not seen the Prophet (ﷺ) prostrating, I would not have prostrated

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · Prostration During Recital of Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।