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सहीह बुख़ारी

नंबर 1034

नंबर 1034किताब 15, नंबर 29
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، قَالَ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي حُمَيْدٌ، أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسًا، يَقُولُ كَانَتِ الرِّيحُ الشَّدِيدَةُ إِذَا هَبَّتْ عُرِفَ ذَلِكَ فِي وَجْهِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Anas:Whenever a strong wind blew, anxiety appeared on the face of the Prophet (fearing that wind might be a sign of Allah's wrath)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Invoking Allah for Rain (Istisqaa)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।