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सहीह बुख़ारी

नंबर 1006

नंबर 1006किताब 15, नंबर 2
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا مُغِيرَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ مِنَ الرَّكْعَةِ الآخِرَةِ يَقُولُ ‏"‏ اللَّهُمَّ أَنْجِ عَيَّاشَ بْنَ أَبِي رَبِيعَةَ، اللَّهُمَّ أَنْجِ سَلَمَةَ بْنَ هِشَامٍ، اللَّهُمَّ أَنْجِ الْوَلِيدَ بْنَ الْوَلِيدِ، اللَّهُمَّ أَنْجِ الْمُسْتَضْعَفِينَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ، اللَّهُمَّ اشْدُدْ وَطْأَتَكَ عَلَى مُضَرَ، اللَّهُمَّ اجْعَلْهَا سِنِينَ كَسِنِي يُوسُفَ ‏"‏‏.‏ وَأَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ غِفَارُ غَفَرَ اللَّهُ لَهَا، وَأَسْلَمُ سَالَمَهَا اللَّهُ ‏"‏‏.‏ قَالَ ابْنُ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ هَذَا كُلُّهُ فِي الصُّبْحِ‏.‏
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब अंतिम रकात में रुकू से सर उठाते, तो कहते : “ऐ अल्लाह! अय्याश बिन अबू रबीआ, सलमा बिन हिशाम, वलीद बिन वलीद और दुर्बल मोमिनों को मुक्ति दिला दे। ऐ अल्लाह! मुज़र पर अपनी पकड़ सख्त कर। ऐ अल्लाह! उन्हें यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के युग में होने वाले सूखे जैसे सूखे से ग्रस्त कर।” तथा नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने यह भी फ़रमाया : “अल्लाह क़बीला ग़िफ़ार को क्षमा करे और क़बीला असलम को सुरक्षित रखे।” इब्न अबू ज़िनाद अपने पिता से रिवायत करते हैं कि यह सब सुबह की नमाज़ में होता था।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 15 · Invoking Allah for Rain (Istisqaa)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।