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सहीह बुख़ारी

नंबर 926

नंबर 926किताब 11, नंबर 50
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُسَيْنٍ، عَنِ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ، قَالَ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَسَمِعْتُهُ حِينَ تَشَهَّدَ يَقُولُ ‏ "‏ أَمَّا بَعْدُ ‏"‏‏.‏ تَابَعَهُ الزُّبَيْدِيُّ عَنِ الزُّهْرِيِّ‏.‏
Narrated Al-Miswar bin Makhrama:Once Allah's Messenger (ﷺ) got up for delivering the Khutba and I heard him after "Tashah-hud" saying "Amma ba'du

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · Friday Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।