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सहीह बुख़ारी

नंबर 889

नंबर 889किताब 11, नंबर 14
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، وَحُصَيْنٍ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ حُذَيْفَةَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا قَامَ مِنَ اللَّيْلِ يَشُوصُ فَاهُ‏.‏
Narrated Hudhaifa:When the Prophet (ﷺ) got up at night (for the night prayer), he used to clean his mouth

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · Friday Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।