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सहीह बुख़ारी

नंबर 873

नंबर 873किताब 10, नंबर 264
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏ ‏ "‏ إِذَا اسْتَأْذَنَتِ امْرَأَةُ أَحَدِكُمْ فَلاَ يَمْنَعْهَا ‏"‏‏.‏
Narrated Salim bin `Abdullah:My father said, "The Prophet (ﷺ) said, 'If the wife of any one of you asks permission (to go to the mosque) do not forbid her

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।