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सहीह बुख़ारी

नंबर 857

नंबर 857किताब 10, नंबर 248
حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنِي غُنْدَرٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ سُلَيْمَانَ الشَّيْبَانِيَّ، قَالَ سَمِعْتُ الشَّعْبِيَّ، قَالَ أَخْبَرَنِي مَنْ، مَرَّ مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم عَلَى قَبْرٍ مَنْبُوذٍ، فَأَمَّهُمْ وَصَفُّوا عَلَيْهِ‏.‏ فَقُلْتُ يَا أَبَا عَمْرٍو مَنْ حَدَّثَكَ فَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ‏.‏
Narrated Sulaiman Ash-Shaibani:I heard Ash-Shu`bi saying, "A person who was accompanying the Prophet (ﷺ) passed by a grave that was separated from the other graves told me that the Prophet (ﷺ) once led the people in the (funeral) prayer and the people had aligned behind him. I said, "O Aba `Amr! Who told you about it?" He said, "Ibn `Abbas

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।