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सहीह बुख़ारी

नंबर 853

नंबर 853किताब 10, नंबर 244
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي نَافِعٌ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ فِي غَزْوَةِ خَيْبَرَ ‏ "‏ مَنْ أَكَلَ مِنْ هَذِهِ الشَّجَرَةِ ـ يَعْنِي الثُّومَ ـ فَلاَ يَقْرَبَنَّ مَسْجِدَنَا ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Umar:During the holy battle of Khaibar the Prophet (ﷺ) said, "Whoever ate from this plant (i.e. garlic) should not enter our mosque

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।