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सहीह बुख़ारी

नंबर 800

नंबर 800किताब 10, नंबर 195
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ ثَابِتٍ، قَالَ كَانَ أَنَسٌ يَنْعَتُ لَنَا صَلاَةَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَكَانَ يُصَلِّي وَإِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ مِنَ الرُّكُوعِ قَامَ حَتَّى نَقُولَ قَدْ نَسِيَ‏.‏
Narrated Thabit:Anas used to demonstrate to us the prayer of the Prophet (ﷺ) and while demonstrating, he used to raise his head from bowing and stand so long that we would say that he had forgotten (the prostration)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।