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सहीह बुख़ारी

नंबर 743

नंबर 743किताब 10, नंबर 137
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَأَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ كَانُوا يَفْتَتِحُونَ الصَّلاَةَ بِ ـ ‏{‏الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ‏}‏
Narrated Anas bin Malik:The Prophet, Abu Bakr and `Umar used to start the prayer with "Al hamdu li l-lahi Rabbi l-`alamin (All praise is but to Allah, Lord of the Worlds)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।