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सहीह बुख़ारी

नंबर 719

नंबर 719किताब 10, नंबर 114
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ أَبِي رَجَاءٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو، قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ بْنُ قُدَامَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ الطَّوِيلُ، حَدَّثَنَا أَنَسٌ، قَالَ أُقِيمَتِ الصَّلاَةُ فَأَقْبَلَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِوَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَقِيمُوا صُفُوفَكُمْ وَتَرَاصُّوا، فَإِنِّي أَرَاكُمْ مِنْ وَرَاءِ ظَهْرِي ‏"‏‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Once the Iqama was pronounced and Allah's Messenger (ﷺ) faced us and said, "Straighten your rows and stand closer together, for I see you from behind my back

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।