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सहीह बुख़ारी

नंबर 717

नंबर 717किताब 10, नंबर 112
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ، قَالَ سَمِعْتُ سَالِمَ بْنَ أَبِي الْجَعْدِ، قَالَ سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ، يَقُولُ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَتُسَوُّنَّ صُفُوفَكُمْ أَوْ لَيُخَالِفَنَّ اللَّهُ بَيْنَ وُجُوهِكُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated An-Nu`man bin 'Bashir:The Prophet (ﷺ) said, "Straighten your rows or Allah will alter your faces

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।