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सहीह बुख़ारी

नंबर 694

नंबर 694किताब 10, नंबर 89
حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ سَهْلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى الأَشْيَبُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُصَلُّونَ لَكُمْ، فَإِنْ أَصَابُوا فَلَكُمْ، وَإِنْ أَخْطَئُوا فَلَكُمْ وَعَلَيْهِمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "If the Imam leads the prayer correctly then he and you will receive the rewards but if he makes a mistake (in the prayer) then you will receive the reward for the prayer and the sin will be his

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।