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सहीह बुख़ारी

नंबर 674

नंबर 674किताब 10, नंबर 68
وَقَالَ زُهَيْرٌ وَوَهْبُ بْنُ عُثْمَانَ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا كَانَ أَحَدُكُمْ عَلَى الطَّعَامِ فَلاَ يَعْجَلْ حَتَّى يَقْضِيَ حَاجَتَهُ مِنْهُ، وَإِنْ أُقِيمَتِ الصَّلاَةُ ‏"‏‏.‏ رَوَاهُ إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ عَنْ وَهْبِ بْنِ عُثْمَانَ، وَوَهْبٌ مَدِينِيٌّ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:The Prophet (ﷺ) said, "If anyone of you is having his meals, he should not hurry up till he is satisfied even if the prayer has been started

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।