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सहीह बुख़ारी

नंबर 618

नंबर 618किताब 10, नंबर 16
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، قَالَ أَخْبَرَتْنِي حَفْصَةُ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا اعْتَكَفَ الْمُؤَذِّنُ لِلصُّبْحِ وَبَدَا الصُّبْحُ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ خَفِيفَتَيْنِ قَبْلَ أَنْ تُقَامَ الصَّلاَةُ‏.‏
Narrated Hafsa:When the Mu'adh-dhin pronounced the Adhan for Fajr prayer and the dawn became evident the Prophet ordered a two rak`at light prayer (Sunna) before the Iqama of the compulsory (congregational) prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।