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सहीह बुख़ारी

नंबर 612

नंबर 612किताब 10, नंबर 10
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ فَضَالَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنِي عِيسَى بْنُ طَلْحَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاوِيَةَ، يَوْمًا فَقَالَ مِثْلَهُ إِلَى قَوْلِهِ ‏ "‏ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Isa bin Talha:that he had heard Muawiya repeating the words of Adhan up to "Wa ash-hadu anna Muhammadan rasulul-lah (and I testify that Muhammad is Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।