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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1698

नंबर 1698किताब 9, नंबर 143
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ خَطَبَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ إِيَّاكُمْ وَالشُّحَّ فَإِنَّمَا هَلَكَ مَنْ كَانَ قَبْلَكُمْ بِالشُّحِّ أَمَرَهُمْ بِالْبُخْلِ فَبَخَلُوا وَأَمَرَهُمْ بِالْقَطِيعَةِ فَقَطَعُوا وَأَمَرَهُمْ بِالْفُجُورِ فَفَجَرُوا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Messenger of Allah (ﷺ) preached and said: Abstain from avarice, for those who had been before you were annihilated due to avarice. It (avarice) commanded them to show niggardliness; it commanded them to cut off their relationship with their nearest relatives, so they cut off. It commanded them to show profligacy, so they showed it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।