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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1677

नंबर 1677किताब 9, नंबर 122
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَيَزِيدُ بْنُ خَالِدِ بْنِ مَوْهَبٍ الرَّمْلِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ يَحْيَى بْنِ جَعْدَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الصَّدَقَةِ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ جُهْدُ الْمُقِلِّ وَابْدَأْ بِمَنْ تَعُولُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported I asked Messenger of Allah (ﷺ), What kind of sadaqah is most excellent? He replied What a man with little property can afford to give; and begin with those for whom you are responsible
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।