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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1675

नंबर 1675किताब 9, नंबर 120
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعْدٍ، سَمِعَ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ دَخَلَ رَجُلٌ الْمَسْجِدَ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم النَّاسَ أَنْ يَطْرَحُوا ثِيَابًا فَطَرَحُوا فَأَمَرَ لَهُ مِنْهَا بِثَوْبَيْنِ ثُمَّ حَثَّ عَلَى الصَّدَقَةِ فَجَاءَ فَطَرَحَ أَحَدَ الثَّوْبَيْنِ فَصَاحَ بِهِ وَقَالَ ‏ "‏ خُذْ ثَوْبَكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Sa'id al-Khudri: A man entered the mosque. The Prophet (ﷺ) commanded the people to throw their clothes as sadaqah. Thereupon they threw their clothes (as sadaqah). He then asked him to take two clothes from them. He reprimanded him and said: Take your clothe
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।