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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1602

नंबर 1602किताब 9, नंबर 47
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمُؤَذِّنُ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ بَطْنًا، مِنْ فَهْمٍ بِمَعْنَى الْمُغِيرَةِ قَالَ مِنْ عَشْرِ قِرَبٍ قِرْبَةٌ ‏.‏ وَقَالَ وَادِيَيْنِ لَهُمْ ‏.‏
‘Amr bin Shu’aib said on the authority of his father that his grandfather reported a sub clan of Fahm. He then narrated the tradition like that of the narrator Al Mughirah. This version has “(They used to give) sadaqah out of ten bags (of honey).” He also added “Two woods of theirs”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।